ब्रेकिंग
कलेक्टरेट परिसर में 50 लाख की लागत से पेविंग ब्लॉक कार्य का महापौर ने किया निरीक्षण, Today का मौसम: छत्तीसगढ़ में अगले 2 दिन बरसेंगे मेघ, इन जिलों में भारी बारिश का खतरा, बाहर निकलने से... दिल्ली की घटना पर छत्तीसगढ़ में रोष, प्रमुख प्रेस क्लबों ने पत्रकार सुरक्षा को लेकर उठाई आवाज अवैध रूप से गांजा बिक्री करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर 01 किलो 146 ग्राम मादक पदार्थ गांजा एवं बिक्... अब कोर्ट की सुनवाई के वीडियो नहीं कर सकेंगे शेयर, CJI सूर्यकांत ने जारी किए सख्त निर्देश भारत-रोमानिया रिश्तों को नई उड़ान, राष्ट्रपति मुर्मु की मौजूदगी में तीन समझौते, 2028 बनेगा इनोवेशन व... छत्तीसगढ़ में UCC लागू करने की तैयारी, शीतकालीन सत्र में पेश होगा विधेयक: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पीएम आवास योजना: 21 हितग्राहियों का साकार हुआ अपने घर का सपना, पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाएं: उप मुख्यमंत्री अरुण साव महापौर अलका बाघमार ने नाली निर्माण कार्यों का किया निरीक्षण, गुणवत्ता एवं जल निकासी से समझौता नहीं ह...
छत्तीसगढ़रायपुर

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अपमान पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लिखा ममता बनर्जी को कड़ा पत्र

रायपुर  | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री  ममता बनर्जी को कड़ा पत्र लिखकर भारत की माननीय राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू के साथ हाल ही में हुए व्यवहार पर गहरी आपत्ति जताई है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि जनजातीय समाज से आने वाली देश की प्रथम महिला राष्ट्रपति के साथ किया गया यह व्यवहार केवल एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था, आदिवासी समाज और मातृशक्ति का अपमान है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में कहा है कि भारत की लोकतांत्रिक परंपराएं और शिष्टाचार पूरी दुनिया में सम्मानित रहे हैं। मतभेद को कभी भी मनभेद में न बदलने की हमारी संस्कृति रही है, लेकिन राष्ट्रपति जैसे सर्वोच्च संवैधानिक पद के प्रति न्यूनतम शिष्टाचार का भी पालन न किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से ठीक पहले एक जनजातीय समाज से आने वाली महिला राष्ट्रपति के प्रवास के दौरान कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही और उनका अपमान किया जाना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह घटना देश के करोड़ों आदिवासियों, पिछड़ों, दलितों और मातृशक्ति की भावनाओं को गहराई से आहत करने वाली है।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने पत्र में यह भी कहा कि यह पहली बार हुआ है जब किसी राज्य सरकार के व्यवहार को लेकर स्वयं राष्ट्रपति जी को अपनी पीड़ा सार्वजनिक करनी पड़ी है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति देश के लोकतांत्रिक इतिहास में अत्यंत चिंताजनक है और इससे पश्चिम बंगाल जैसे प्रतिष्ठित राज्य की छवि को भी ठेस पहुंची है।

मुख्यमंत्री  साय ने अपने पत्र में संदेशखाली की घटना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी जनजातीय समाज की महिलाओं के साथ हुई घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर दिया था। उन्होंने कहा कि वंचित और जनजातीय समाज के साथ इस प्रकार का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  ममता बनर्जी से आग्रह किया है कि वे इस विषय पर देश और समाज से क्षमा मांगते हुए अपनी भूल स्वीकार करें तथा भविष्य में लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक पदों के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए देश को आश्वस्त करें।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च संवैधानिक संस्था का प्रतीक हैं और उनके सम्मान से ही लोकतंत्र की गरिमा जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक मतभेद से ऊपर उठकर संवैधानिक पदों का सम्मान किया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री  साय ने स्पष्ट कहा कि जनजातीय समाज से आने वाली राष्ट्रपति के सम्मान से जुड़ा यह विषय पूरे देश की अस्मिता और स्वाभिमान से जुड़ा हुआ है, इसलिए देश और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रकरण में जिम्मेदारी के साथ कदम उठाए जाना आवश्यक है।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Slot Site
Back to top button